खेत में वाटर टैंक बनवाने पर राज्य सरकार देगी 90,000 रुपए तक सब्सिडी, जानिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
आवेदन प्रारंभ
अंतिम तिथि
योजना का नाम
आवेदन का तरीका:
विवरण-
जल हौज योजना का उद्देश्य
- ट्यूबवैल या कुएं के जल को हौज में एकत्रित कर जरुरत के समय सिंचाई हेतु काम में लिया जाता है।
जल हौज योजना की मुख्य विशेषताएं
- इस योजना के तहत, किसानों को जल हौज बनाने के लिए 60% या अधिकतम 90,000 रुपए तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा। यह अनुदान किसानों के लिए योजना का लाभ लेना आसान बनाता है, क्योंकि इससे निर्माण की लागत काफी हद तक कम हो जाती है।
- जल हौज के निर्माण से पहले और बाद में कृषि विभाग द्वारा स्थल सत्यापन किया जाता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जल हौज मानकों और आवश्यकताओं के अनुरूप बने हैं।
- जल हौज बनाने के लिए मिलने वाली अनुदान राशि सीधे किसान के बैंक खाते में जमा की जाती है, जिससे यह प्रक्रिया और अधिक सरल हो जाती है।
- जल हौज का भराव बोरवेल से किया जाता है और पाइपलाइन के माध्यम से सिंचाई की जाती है, जिससे पानी का बेहतर उपयोग होता है। इस प्रक्रिया से किसानों को अधिक पानी की जरूरत नहीं पड़ती और फसलों की सिंचाई एक कुशल तरीके से की जाती है।
पात्रता -
जल हौज योजना के लिए पात्रता
जल हौज योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को कुछ पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा:
- आवेदक को राजस्थान का स्थायी निवासी होना चाहिए। यह शर्त इस योजना को केवल राज्य के किसानों तक सीमित रखती है, ताकि राज्य के भीतर जल प्रबंधन की स्थिति में सुधार किया जा सके। इसके लिए किसान को अपनी पहचान के प्रमाण के रूप में आधार कार्ड, जनआधार कार्ड या अन्य स्थानीय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होता है।
- केवल वे किसान, जिनके पास कृषि भूमि है, जल हौज योजना का लाभ उठा सकते हैं। इसका मतलब है कि केवल कृषि कार्यों में संलग्न किसानों को ही यह योजना उपलब्ध होगी। यह शर्त इस योजना को खेती से जुड़ी गतिविधियों तक सीमित रखने के लिए है।
- इस योजना के तहत लाभ लेने के लिए किसान के पास कम से कम आधे हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए। इस शर्त से यह सुनिश्चित किया जाता है कि किसान के पास पर्याप्त भूमि हो, ताकि जल हौज का निर्माण और सिंचाई की प्रक्रिया प्रभावी रूप से की जा सके।
- जल हौज को भरने के लिए किसान के पास जल स्रोत होना चाहिए, जैसे बोरवेल, नहर या अन्य जल स्रोत। जल हौज का उद्देश्य पानी की बचत करना है, और इसके लिए जल स्रोत का होना आवश्यक है। बिना जल स्रोत के किसान इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते हैं।
· जल हौज की क्षमता कम से कम 100 घन मीटर (एक लाख लीटर) होनी चाहिए। यह शर्त इसलिए रखी गई है ताकि जल हौज में पर्याप्त पानी भरा जा सके और किसान अपनी फसलों की सिंचाई करने के लिए पर्याप्त जल का उपयोग कर सकें।
आवश्यक दस्तावेज
जल हौज योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज
किसानों को जल हौज योजना के लिए आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेज की आवश्यकता होती है, जो इस प्रकार है...
- आधार कार्ड / जनआधार कार्ड: आवेदक को अपनी पहचान साबित करने के लिए आधार कार्ड या जनआधार कार्ड की प्रति प्रस्तुत करनी होगी। यह दस्तावेज किसान की पहचान और निवास स्थान को प्रमाणित करता है।
- जमाबंदी: यह दस्तावेज़ भूमि के स्वामित्व को प्रमाणित करता है। किसान को यह प्रमाणित करना होगा कि वह खेत का मालिक है और उस भूमि पर जल हौज बनाने का हकदार है।
- बैंक खाता विवरण: अनुदान राशि को सीधे किसान के बैंक खाते में जमा किया जाएगा। इसके लिए किसान को अपने बैंक खाते का विवरण और खाता नंबर प्रदान करना होगा, जिससे अनुदान राशि सही तरीके से ट्रांसफर हो सके।
- पहचान प्रमाण: इसके अंतर्गत विभाग द्वारा मांगे गए अन्य पहचान दस्तावेज़, जैसे राशन कार्ड, वोटर कार्ड, इत्यादि भी जमा करने होंगे।
लाभ-
जल हौज योजना के लिए अनुदान
- सभी श्रेणी के कृषकों को न्यूनतम आकार 100 घनमीटर या एक लाख लीटर भराव क्षमता के जल हौज का निर्माण करने पर लागत का 60 प्रतिशत अथवा अधिकतम राशि रूपये 90000/- जो भी कम हो अनुदान।
आवेदन पत्र भरने की प्रक्रिया
जल हौज योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया
- कृषक स्वयं या नजदीकी ई-मित्र केन्द्र पर जाकर आवेदन करा सकेगा।
- आवेदक आवेदन पत्र ऑन-लाईन जमा किये जानें की प्राप्ति रसीद ऑन-लाईन ही प्राप्त कर सकेगा।
- आवेदन पत्र के समय आवश्यक दस्तावेज- आधार कार्ड / जनाधार कार्ड, जमाबंदी की नकल (छः माह से अधिक पुरानी नही हो)
राजस्थान सरकार ने जल हौज योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया है। इस प्रकार किसानों को योजना का लाभ लेने के लिए अब किसी भी सरकारी दफ्तर में जाने की आवश्यकता नहीं है। ऑनलाइन आवेदन करने के लिए निम्नलिखित स्टेप्स को फॉलो करें...
1. पंजीकरण प्रक्रिया: सबसे पहले, किसान को कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट -(https://rajkisan.rajasthan.gov.in/) पर जाना होगा। वहां "रजिस्टर" बटन पर क्लिक करने के बाद SSO पंजीकरण पृष्ठ खुलेगा, जिसमें किसान को Jan Aadhaar या Google खाते के माध्यम से पंजीकरण करवाना होगा।
2. आवेदन विवरण भरना: पंजीकरण के बाद, किसान को अपने व्यक्तिगत विवरण जैसे आधार कार्ड, परिवार के मुखिया और अन्य सदस्य की जानकारी और बैंक खाता विवरण आदि भरने होंगे।
3. दस्तावेज अपलोड करना: आवेदन के साथ कुछ जरूरी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, भूमि का स्वामित्व प्रमाण, बैंक खाता विवरण और अन्य पहचान प्रमाण अपलोड करने होंगे।
4. आवेदन सबमिट करना: सभी जानकारी भरने और दस्तावेज अपलोड करने के बाद किसान को आवेदन सबमिट करना होगा। इसके बाद, कृषि विभाग द्वारा जल हौज के निर्माण के लिए प्रशासनिक अनुमोदन जारी किया जाएगा।
नोट:
अन्य महत्वपूर्ण बिंदु
- आवेदन के बाद कृषि विभाग द्वारा जलहौज निर्माण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति जारी की जाएगी।
- इसकी सूचना मोबाइल सन्देश / कृषि पर्यवेक्षक के जरिये मिलेगी।
- जलहौज के निर्माण से पहले व बाद में विभाग द्वारा मौका / सत्यापन किया जाएगा।
- अनुदान राशि सीधे कृषक के खाते में जमा होगी ।
योजना संपर्क विवरण
NA
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (एफएक्यू)
1. जल हौज योजना क्या है?
यह कृषि विभाग द्वारा चलाई जाने वाली जल संरक्षण योजना है। इसके तहत किसानों को अपने खेत के ऊंचे हिस्से में जल हौज (टैंक) बनाने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। बोरवेल के पानी को रातभर हौज में भरकर सुबह सिंचाई करने से पानी और बिजली दोनों की बचत होती है।
2. योजना के तहत कितनी सब्सिडी (अनुदान) मिलती है?
सभी श्रेणियों के किसानों को न्यूनतम 1 लाख लीटर (100 घनमीटर) भराव क्षमता का जल हौज बनाने पर इकाई लागत का 60 प्रतिशत या अधिकतम ₹90,000 (राज्य के नियमानुसार) तक का अनुदान मिलता है।
3. आवेदन के लिए क्या पात्रता है?
भूमि: आवेदक किसान के नाम न्यूनतम कृषि योग्य 0.5 हेक्टेयर (लगभग 2 बीघा) भूमि का स्वामित्व होना चाहिए।
संसाधन: खेत में सिंचाई का अपना स्रोत (जैसे ट्यूबवेल, कुआं आदि) मौजूद होना चाहिए।
4. आवेदन के लिए कौन-से दस्तावेज चाहिए?
किसान का आधार कार्ड और जन-आधार कार्ड
जमाबंदी की नकल (नवीनतम)
भूमि का नक्शा या खसरा नंबर
सिंचाई के स्रोत (ट्यूबवेल/कुएं) का प्रमाण पत्र
बैंक खाते की पासबुक की फोटोकॉपी
5. जल हौज के लिए आवेदन कैसे किया जाता है?
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है। किसान नजदीकी ई-मित्र केंद्र या नागरिक सेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, राजस्थान सरकार के आधिकारिक राजकिसान साथी पोर्टल (RajKisan) या माईस्कीम वेबसाइट के जरिए भी ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।

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