प्रकरणों के शीघ्र निपटान के लिए यह उचित होगा कि यदि शिकायत अलग-अलग विभागों या विषयों से संबंधित है तो शिकायतें भी अलग-अलग दी जाएं और दर्ज की जाएं। वैसे, शिकायत दर्ज करने की सुविधा के लिए, एक बार शिकायतकर्ता का नाम, पता आदि बुनियादी विवरण देने के बाद, अगली बार या अगली शिकायत के लिए केवल शिकायत का विषय, विभाग और विवरण ही भरना होता है।
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