आदर्श रूप से, माता-पिता/कानूनी अभिभावक दोनों को नए या पुन: जारी मामलों (नाबालिग आवेदकों के हितों की रक्षा के लिए) में अनुबंध 'डी' पर हस्ताक्षर करना चाहिए। दोनों माता-पिता अपने नाबालिग बच्चों के लिए पासपोर्ट के लिए आवेदन करते समय पीएसके / पीओपीएसके में उपस्थित होंगे या माता-पिता दोनों के पासपोर्ट के साथ एक माता-पिता उपस्थित हो सकते हैं (पीएसके प्रभारी अनुबंध-डी पर हस्ताक्षर से संतुष्ट नहीं होने पर अन्य माता-पिता को बुला सकते हैं)। यदि माता-पिता में से कोई एक विदेश में निवासी है, तो भारत में आवेदन जमा करने वाले माता-पिता आवेदन पत्र पर हस्ताक्षर करेंगे और अनुबंध-'डी' में अन्य माता-पिता की सहमति प्राप्त करेंगे। ऐसे मामलों में जहां माता-पिता में से किसी एक की सहमति प्राप्त करना संभव नहीं है, अनुबंध-सी के रूप में घोषणा लागू कारण के साथ प्रदान की जा सकती है।