पालनहार योजना
आवेदन प्रारंभ
अंतिम तिथि
योजना कब शुरू हुई
द्वारा वित्त पोषित
योजना का नाम
योजना का प्रकार
आवेदन का तरीका:
शैक्षणिक वर्ष:
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विवरण-
राज्य सरकार द्वारा राज्य के अनाथ बच्चों को लाभान्वित करने के लिए पालनहार योजना शुरू की गई है। पालनहार योजना के तहत, राज्य के अनाथ बच्चों या जिनके माता-पिता की मृत्यु हो गई है, उनके पालन-पोषण, शिक्षा आदि की व्यवस्था को संस्थागत नहीं किया जाएगा, बल्कि समाज के भीतर लड़कों और लड़कियों के सबसे करीबी रिश्तेदार/परिचित के परिवार में किया जाएगा। राज्य द्वारा किसी इच्छुक व्यक्ति को पालक बनाकर पारिवारिक वातावरण में शिक्षा, भोजन, कपड़े और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
यह योजना राजस्थान सरकार द्वारा 0 से 18 वर्ष तक राज्य के विशेष देखभाल और सुरक्षा वाले लड़कों/लड़कियों की विभिन्न श्रेणियों के लिए है। इसके अंतर्गत आने वाले लड़कों/लड़कियों की देखभाल और पालन-पोषण की व्यवस्था परिवार के भीतर एक करीबी रिश्तेदार/परिचित द्वारा की जाती है। लड़कों/लड़कियों की देखभाल करने वाले को अभिभावक नियुक्त किया गया है। सरकार लड़कों/लड़कियों का आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक विकास सुनिश्चित करती है और मासिक आधार पर वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
पात्रता -
पात्र बालक/बालिका की श्रेणी
- अनाथ बच्चे
- मृत्यु दण्ड/आजीवन कारावास प्राप्त माता/पिता के बच्चे
- निराश्रित पेंशन की पात्र विधवा माता के तीन बच्चे
- पुनर्विवाहित विधवा माता के बच्चे
- एच.आई.वी. / एड्स पीड़ित माता/पिता के बच्चे
- कुष्ठ रोग से पीड़ित माता / पिता के बच्चे
- नाता जाने वाली माता के तीन बच्चे
- विशेष योग्यजन माता/पिता के बच्चे
- तलाकशुदा / परित्यक्ता महिला के बच्चे
- अनाथ लड़का/लड़की।
- माता-पिता के बच्चों को न्यायिक आदेशों के तहत मौत/आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
- पेंशन प्राप्त करने वाली विधवा माँ के बच्चे (एक बार में अधिकतम 3 बच्चे)।
- पुनर्विवाहित विधवा माताओं के बच्चे।
- एच. आई. वी./एड्स से प्रभावित माता/पिता के बच्चे।
- कुष्ठ रोग से पीड़ित माता-पिता के बच्चे।
- संबंधित माताओं के बच्चे (एक बार में अधिकतम 3 बच्चे)।
- विशेष रूप से सक्षम माता-पिता के बच्चे।
- पेंशन प्राप्त करने वाली तलाकशुदा/परित्यक्त महिलाओं के बच्चे।
- माता-पिता के बच्चे सिलिकॉसिस से पीड़ित हैं।
- बच्चे की आयु 18 वर्ष से कम होनी चाहिए।
- यदि बच्चा 18 वर्ष का है और अभी भी 12वीं या निचली कक्षा में पढ़ रहा है/रह रहा है, तो ऐसी स्थिति में ऐसे बच्चों को एक वर्ष अतिरिक्त दिया जाएगा (19 वर्ष की आयु तक लाभ प्रदान किया जा सकता है)। उक्त लाभ बच्चे के 19 वर्ष की आयु पूरी करने या 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद देय नहीं होगा।
- यह प्रमाण पत्र कि अभिभावक राजस्थान राज्य का मूल निवासी है या तीन साल से अधिक समय से राज्य में रह रहा है।
- अभिभावक परिवार की आय रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। 1. 20 लाख प्रतिवर्ष।
आवश्यक दस्तावेज
श्रेणीवार आवश्यक दस्तावेज–
- माता-पिता के मृत्यु प्रमाण-पत्र की प्रति
- दण्डादेश की प्रति
- विधवा पेंशन भुगतान आदेश (पी.पी.ओ.) की प्रति
- पुनर्विवाह के प्रमाण पत्र की प्रति
- ए.आर.टी. सेन्टर द्वारा जारी ए.आर.डी. डायरी / ग्रीन कार्ड की प्रति
- सक्षम बोर्ड द्वारा जारी किये गये चिकित्सा प्रमाण पत्र की प्रति
- नाता गये हुए एक वर्ष से अधिक समय होने का प्रमाण पत्र
- (संलग्न-परिशिष्ट-"स")
- 40 प्रतिशत या अधिक निःशक्तता के प्रमाण पत्र की प्रति
- तलाकशुदा / परित्यक्ता पेंशन भुगतान आदेश (पी.पी.ओं.) की प्रति
पालनहार द्वारा जमा करवाये जाने वाले अन्य आवश्यक दस्तावेज–
- पालनहार का "जन आधार कार्ड"
- पालनहार का "आय प्रमाण पत्र" (विधवा / परित्यक्ता/तलाकशुदा एवं बी.पी.एल. श्रेणी में आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य नहीं है)
- "मूल निवास प्रमाण पत्र" की प्रति
- बच्चे का "आधार कार्ड"
- बच्चे का "आंगनवाडी केन्द्र पर पंजीकरण/विद्यालय में अध्यनरत् होने का प्रमाण पत्र" (संलग्न-परिशिष्ट- "ब")
- अनाथ बच्चों का 'पालन-पोषण करने का प्रमाण पत्र (जिनके माता-पिता की मृत्यु हो गई हो अथवा न्यायिक प्रक्रिया द्वारा मृत्युदण्ड/आजीवन कारावास से दण्डित किए गए हो अथवा जिनकी विधवा माता ने विधिवत पुनर्विवाह के पश्चात् अपनी संतानों को त्याग दिया हो, के लिये ही उक्त प्रमाण पत्र की पूर्ति कराई जानी है) (संलग्न परिशिष्ट- "अ")
- आधार कार्ड की प्रतिलिपि।
- शिक्षा योग्यता मार्कशीट/प्रमाणपत्र की प्रतिलिपि।
- जाति श्रेणी प्रमाण पत्र।
लाभ-
- अनाथ वर्गः
आयु वर्ग के लिए (0 से 6 वर्ष): रु। 1500/- प्रति माह।
आयु वर्ग के लिए (6 से 18 वर्ष): रु। 2500/- प्रति माह।
- अन्य श्रेणीः
आयु वर्ग के लिए (0 से 6 वर्ष): रु। 500/- प्रति माह।
आयु वर्ग के लिए (6 से 18 वर्ष): रु। 1000/- प्रति माह।
- किताबें/स्टेशनरी/ड्रेस/स्वेटर/जूते आदि के लिएः रु। 2000/- प्रति वर्ष।
अनुदान राशि एवं पात्रता
- 0-6 वर्ष तक 500 रुपये प्रतिमाह (0-3 वर्ष तक के बालक/बालिका का आंगनबाड़ी केन्द्र में पंजीकरण/शाला पूर्व शिक्षा हेतु विद्यालय में जाने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य नहीं है तथा 3-6 वर्ष तक के बालक/बालिका का आंगनबाड़ी केन्द्र में पंजीकरण / शाला पूर्व शिक्षा हेतु विद्यालय में जाने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है)
- 6-18 वर्ष तक 1000 रुपये प्रतिमाह (बालक/बालिका का विद्यालय / व्यवसायिक शिक्षा हेतु किसी संस्थान में जाने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य)
- 2000 रुपये वार्षिक अतिरिक्त एकमुश्त देय (विधवा पालनहार व नाता पालनहार में देय नहीं)
आवेदन पत्र भरने की प्रक्रिया
ऑनलाइन
- उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैंई-मित्र।
- उस पर क्लिक करेंलॉगइन बटन।
- नए उम्मीदवार कर सकते हैं आवेदनरजिस्टर करेंया मौजूदा उपयोगकर्ता कर सकते हैंलॉग इन करेंयहाँ।
- मौजूदा उपयोगकर्ता अपने एसएसओआईडी के साथ आगे की प्रक्रिया कर सकते हैं और नए उपयोगकर्ता अपने जन-आधार आईडी के साथ पंजीकरण कर सकते हैं।
- आवश्यक विवरण प्रदान करें।
- आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें।
- जमा करें
नोट:
- बच्चे का "आंगनवाडी केन्द्र पर पंजीकरण/विद्यालय में अध्यनरत् होने का प्रमाण पत्र" प्रति वर्ष माह जुलाई में ई-मित्र कियोस्क के माध्यम से अद्यतन् (Update) करवाना अनिवार्य होगा अन्यथा पालनहार योजनान्तर्गत देय राशि का भुगतान माह जुलाई से रोक दिया जायेगा।
- पालनहार का भामाशाह कार्ड अनिवार्य दस्तावेज के रूप में शामिल किया गया है। अतः पालनहार को भामाशाह कार्ड प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। (पालनहार का मोबाईल नम्बर भामाशाह कार्ड में दर्ज नहीं होने / मोबाईल नम्बर बंद होने / मोबाईल नम्बर बदले जाने की स्थिति अथवा पालनहार की किसी भी प्रकार का व्यक्तिगत सूचना जैसे पालनहार का नाम, जन्म तिथि, बैंक खाता संख्या आदि में अद्यतन् (Update) करवाने की स्थिति में उक्त सूचना भामाशाह कार्ड में अद्यतन् (Update) करवाना अनिवार्य होगा)
- बच्चे का आधार कार्ड अनिवार्य दस्तावेज के रूप में शामिल किया गया है। अतः पालनहार को बच्चे का आधार कार्ड प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा तथा बच्चे का बायोमेट्रीक अथवा ओ.टी.पी. (One Time Password) के माध्यम से सत्यापन करवाना होगा (बच्चे का आधार कार्ड में मोबाईल नम्बर दर्ज नहीं होने/मोबाईल नम्बर बंद/मोबाईल नम्बर बदले जाने की स्थिति अथवा बच्चे का किसी भी प्रकार का व्यक्तिगत सूचना जैसे बच्चे का नाम, जन्म तिथि आदि में अद्यतन् (Update) करवाने की स्थिति में उक्त सूचना आधार कार्ड में अद्यतन (Update) करवाना अनिवार्य होगा)
योजना संपर्क विवरण
निदेशालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, जयपुर (राज.) / फोन नम्बर 0141-2226604 / वेवसाईट sje.rajasthan.gov.in
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (एफएक्यू)
पालनहार योजना में प्रायः पूछे जाने वाले प्रश्न– एवं उनके उत्तर–
प्रश्न– पालनहार योजना क्या है ?
उत्तर– राज्य के ऐसे अनाथ एवं देखरेख और संरक्षण के परिभाषित श्रेणियों में आने वाले बालक/बालिकाओं को परिवार के ही अन्दर समुचित देखरेख, संरक्षण एवं शिक्षा सुनिश्चित करने के लिये सरकार की ओर से आर्थिक सहायता देना है।
प्रश्न– पालनहार योजना में आवेदन की क्या प्रक्रिया है ?
उत्तर– पालनहार योजना में ऑनलाइन आवेदन पत्र ही स्वीकार्य होंगे, जो किसी भी नजदीकी ई-मित्र कियोस्क केन्द्र अथवा एस.एस.ओ. पोर्टल के माध्यम से फेस प्रमाणीकरण के माध्यम से किया जा सकता है।
प्रश्न– पालनहार के पंजीकरण में क्या-क्या दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य है ?
उत्तर– पालनहार योजना में आवेदन हेतु निम्न दस्तावेज आवश्यक हैः-
⇒ जनाधार कार्ड
⇒ राजस्थान राज्य के निवासी होने अथवा राज्य में कम से कम तीन साल से रहने का प्रमाण हेतु आवेदक के मूल निवास प्रमाण पत्र/राशन कार्ड / मतदाता पहचान पत्र आवश्यक है। यदि पालनहार;
बी.पी.एल./आस्था / अन्तयोदय कार्ड धारक है, अथवा
पेंशनर्स (विधवा / तलाकशुदा/परित्यक्ता/विशेष योग्जन, सिलिकोसिस पेंशन) धारक है, अथवा
पीडीएस लाभार्थी है, तो प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होगी।
⇒ पालनहार परिवार की वार्षिक आय 1.20 लाख से अधिक नहीं होने का प्रमाण। यदि पालनहार;
बी.पी.एल./आस्था/अन्तयोदय कार्ड धारक है, अथवा
पेंशन (विधवा / तलाकशुदा / परित्यक्ता / विशेष योग्जन, सिलिकोसिस प्रमाण पत्र धारक) धारक है, तो प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होगी।
प्रश्न– बच्चों के पंजीकरण में अनिवार्य दस्तावेज क्या-क्या है ?
उत्तर– पालनहार योजना में आवेदन हेतु निम्न दस्तावेज आवश्यक हैः-
⇒ आधार कार्ड
बच्चे को पालनहार के जनाधार में जुडना आवश्यक है।
बच्चे का शाला दर्पण पोर्टल से सत्यापन (वेरीफाई) होने की स्थिति में अध्ययनरत प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होगी।
बच्चे का आंगनबाडी केन्द्र पर पंजीकृत होने / विद्यालय में अध्ययनरत होने का प्रमाण पत्र
प्रश्न– पालनहार योजनान्तर्गत कौन-कौन सी श्रेणी के बालक/बालिका पात्र है ?
उत्तर– पालनहार योजना में निम्न श्रेणी के बालक/बालिका पात्र है:-
1. अनाथ बालक/बालिका
2. न्यायिक आदेशों के तहत् मृत्यु दण्ड/आजीवन कारावास प्राप्त माता-पिता के बच्चे
3. पेंशन प्राप्त कर रही विधवा माता के बच्चे (एक समय में अधिकतम 3 बच्चे)
4. पुनर्विवाहित विधवा माता के बच्चे
5. एच.आई.वी./एड्स पीड़ित माता पिता के बच्चे
6. कुष्ठ रोग से पीड़ित माता/पिता के बच्चे
7. नाता जाने वाली माता के बच्चे (एक समय में अधिकतम 3 बच्चे)
8. विशेष योग्यजन माता/ पिता के बच्चे
9. पेंशन प्राप्त कर रही तलाकशुदा / परित्यक्ता महिला के बच्चे
10. सिलिकोसिस पीडित माता पिता के बच्चे
प्रश्न– पालनहार योजनान्तर्गत पात्रता की श्रेणीवार अनिवार्य दस्तावेज कौन-कौन से है ?
उत्तर– श्रेणीवार दस्तावेज निम्नानुसार है:-
1) अनाथ बच्चे के संदर्भ में बच्चे के माता-पिता की मृत्यु का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।
2) न्यायिक आदेशों के तहत् मृत्यु दण्ड/आजीवन कारावास प्राप्त माता-पिता के बच्चे के संदर्भ में न्यायालय द्वारा जारी दण्डादेश की प्रति प्रस्तुत करनी होगी।
3) विधवा महिला के संदर्भ में सामाजिक सुरक्षा पेंशन भुगतान आदेश (पी.पी.ओ.) प्रस्तुत करना होगा।
4) पुनर्विवाहित विधवा माता के संदर्भ में पुनर्विवाह का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।
5) एच.आई.वी./एड्स पीड़ित माता/पिता के संदर्भ में राजस्थान एड्स कंट्रोल सोसायटी में कराए गए पंजीयन का प्रमाण पत्र/ग्रीन डायरी प्रस्तुत करनी होगी।
6) कुष्ठ रोग से पीड़ित माता/पिता के संदर्भ में चिकित्सा अधिकारी/बोर्ड (राज्य सरकार द्वारा अधिकृत) द्वारा जारी किया गया चिकित्सा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।
7) नाता जाने वाली माता के संदर्भ में ग्रामीण क्षेत्र में सम्बन्धित ग्राम सचिव, ग्राम पंचायत एवं पटवारी की संयुक्त रिपोर्ट एवं नगरीय क्षेत्र में वार्ड मेम्बर/पार्षद, पटवारी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी / स्थानीय निकाय की संयुक्त रिपोर्ट के आधार पर संबंधित उपखण्ड अधिकारी द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।
8) विशेष योग्यजन माता पिता के संदर्भ में चिकित्सा अधिकारी/बोर्ड (राज्य सरकार द्वारा अधिकृत) द्वारा जारी 40 प्रतिशत या उससे अधिक निःशक्तता का निःशक्तता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।
१) तलाकशुदा / परित्यक्ता महिला के संदर्भ में सामाजिक सुरक्षा पेंशन भुगतान आदेश (पी.पी.ओ.) प्रस्तुत करना होगा।
10) सिलिकोसिस पीडित माता पिता के संदर्भ में सक्षम चिकित्सा अधिकारी / बोर्ड (राज्य सरकार द्वारा अधिकृत) द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।
प्रश्न– पालनहार योजनान्तर्गत कितनी अनुदान राशि देय है ?
उत्तर– देय लाभः-
1. अनाथ श्रेणी के 0-6 वर्ष तक की आयु के बच्चे हेतु 1500 रूपये प्रतिमाह तथा 6-18 वर्ष तक की आयु के बच्चे हेतु 2500 रूपये प्रतिमाह (आंगनबाड़ी / विद्यालय जाना अनिवार्य)
2. शेष अन्य सभी श्रेणी के 0-6 वर्ष तक की आयु के बच्चे हेतु 750 रुपये प्रतिमाह तथा 6-18 वर्ष तक की आयु के बच्चे हेतु 1500 रुपये प्रतिमाह (आंगनबाड़ी / विद्यालय जाना अनिवार्य)
3. पुस्तकें / स्टेशनरी, वस्त्र, स्वेटर, जूते आदि हेतु 2000 रुपये वार्षिक अतिरिक्त एकमुश्त देय (विधवा पालनहार व नाता पालनहार में देय नहीं)
प्रश्न– बालक/बालिका द्वारा राज्य/जिले से बाहर अध्ययन करने की स्थिति में क्या योजनान्तर्गत पात्र है ?
उत्तर– पालनहार योजना में बालक/बालिका द्वारा अन्य जिले / राज्य में अध्ययनरत् होने की स्थिति में भी अनुदान पात्रता मानी जायेगी।
प्रश्न– आवेदन में आक्षेप (Objection) के क्या कारण है, एवं आक्षेप को देखने के लिये क्या करें ?
उत्तर– पालनहार योजना में आवेदन पत्र में लगे आक्षेपों की जानकारी हेतु संबंधित ब्लॉक सामाजिक सुरक्षा कार्यालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग अथवा पालनहार पोर्टल https://sjmsnew.rajasthan.gov.in/palanhaar/Appstatus.aspx अथवा पालनहार स्कीम एप्प से प्राप्त की जा सकती है।
प्रश्न– पालनहार योजना में आक्षेप (Objection) की पूर्ति हेतु निर्धारित समयावधि कितनी है ?
उत्तर– पालनहार योजना में आवेदन पत्र में लगाये गये आक्षेपों की 90 दिवस में आवेदक द्वारा कमी-पूर्ति नहीं करने की स्थिति में आवेदन को स्वतः निरस्त कर दिया जावेगा।
प्रश्न– आवेदन में आक्षेप (Objection) की पूर्ति कहाँ से करावें ?
उत्तर– पालनहार योजना में आवेदन पत्र में लगाये गये आक्षेपों की पूर्ति किसी भी नजदीकी ई-मित्र कियोस्क के माध्यम से आवेदन क्रमांक / जनाधार के द्वारा अथवा पालनहार स्कीम एप्प के माध्यम से की जा सकती है।
प्रश्न– पालनहार योजना में भुगतान की जानकारी कहां से प्राप्त की जा सकती है ?
उत्तर– पालनहार योजना के भुगतान की जानकारी ब्लॉक सामाजिक सुरक्षा कार्यालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग अथवा पालनहार पोर्टल sjmsnew.rajasthan.gov.in/palanhaar/Appstatus पर आवेदन क्रमांक / जनाधार नम्बर से अथवा पालनहार स्कीम एप्प के माध्यम से प्राप्त की जा सकेगी।
प्रश्न– पालनहार योजना में नियमित भुगतान प्राप्त नहीं होने के क्या कारण हो सकते है ?
उत्तर– पालनहार योजना में नियमित भुगतान प्राप्त नहीं होने के निम्न कारण हो सकते है:-
1. पालनहार / बच्चों का वार्षिक नवीनीकरण (सत्यापन) लंबित होना।
2. आवेदक के बैंक खाता संख्या अथवा आई.एफ.एस.सी. कोड (Bank Account & IFSC Code) सही नहीं होना।
3. ऑनलाइन आवेदन पत्र में जनाधार नम्बर अपडेट नहीं होना।
प्रश्न– बालक/बालिका द्वारा राज्य/जिले से बाहर अध्ययन करने की स्थिति में क्या योजनान्तर्गत पात्र है ?
उत्तर– पालनहार योजना में बालक/बालिका द्वारा अन्य जिले / राज्य में अध्ययनरत् होने की स्थिति में भी अनुदान पात्रता मानी जायेगी।
प्रश्न– आवेदन में आक्षेप (Objection) के क्या कारण है, एवं आक्षेप को देखने के लिये क्या करें ?
उत्तर– पालनहार योजना में आवेदन पत्र में लगे आक्षेपों की जानकारी हेतु संबंधित ब्लॉक सामाजिक सुरक्षा कार्यालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग अथवा पालनहार पोर्टल https://sjmsnew.rajasthan.gov.in/palanhaar/Appstatus.aspx अथवा पालनहार स्कीम एप्प से प्राप्त की जा सकती है।
प्रश्न– पालनहार योजना में आक्षेप (Objection) की पूर्ति हेतु निर्धारित समयावधि कितनी है ?
उत्तर– पालनहार योजना में आवेदन पत्र में लगाये गये आक्षेपों की 90 दिवस में आवेदक द्वारा कमी-पूर्ति नहीं करने की स्थिति में आवेदन को स्वतः निरस्त कर दिया जावेगा।
प्रश्न– आवेदन में आक्षेप (Objection) की पूर्ति कहाँ से करावें ?
उत्तर– पालनहार योजना में आवेदन पत्र में लगाये गये आक्षेपों की पूर्ति किसी भी नजदीकी ई-मित्र कियोस्क के माध्यम से आवेदन क्रमांक / जनाधार के द्वारा अथवा पालनहार स्कीम एप्प के माध्यम से की जा सकती है।
प्रश्न– पालनहार योजना में भुगतान की जानकारी कहां से प्राप्त की जा सकती है ?
उत्तर– पालनहार योजना के भुगतान की जानकारी ब्लॉक सामाजिक सुरक्षा कार्यालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग अथवा पालनहार पोर्टल sjmsnew.rajasthan.gov.in/palanhaar/Appstatus पर आवेदन क्रमांक / जनाधार नम्बर से अथवा पालनहार स्कीम एप्प के माध्यम से प्राप्त की जा सकेगी।
प्रश्न– पालनहार योजना में नियमित भुगतान प्राप्त नहीं होने के क्या कारण हो सकते है ?
उत्तर– पालनहार योजना में नियमित भुगतान प्राप्त नहीं होने के निम्न कारण हो सकते है:-
1. पालनहार / बच्चों का वार्षिक नवीनीकरण (सत्यापन) लंबित होना।
2. आवेदक के बैंक खाता संख्या अथवा आई.एफ.एस.सी. कोड (Bank Account & IFSC Code) सही नहीं होना।
3. ऑनलाइन आवेदन पत्र में जनाधार नम्बर अपडेट नहीं होना।
प्रश्न– ऑनलाइन आवेदन पत्र में जनाधार/आधार कहाँ से अपडेट करावें ?
उत्तर– पालनहार योजना में ऑनलाइन आवेदन पत्र में आवेदक/बच्चों का जनाधार / आधार संख्या सही अद्यतन नहीं होने की स्थिति में विभाग के जिला कार्यालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से अपडेट करवाया जा सकता है।
प्रश्न– आवेदन में बैंक खाता विवरण अथवा मोबाइल नम्बर कैसे एवं कहाँ से सही करावें ?
उत्तर– पालनहार योजना में ऑनलाइन आवेदन पत्र में आवेदक का बैंक खाता संख्या अथवा मोबाइल नम्बर अपडेट करवाने हेतु सर्वप्रथम जनाधार कार्ड में अपडेट करवाना आवश्यक है। जनाधार में अपडेट होने के बाद ब्लॉक सामाजिक सुरक्षा कार्यालय से अपडेट करवाया जा सकता है।
प्रश्न– ई-मित्र कियोस्क केन्द्र बंद हो जाने की स्थिति में ई-मित्र बदलवाने हेतु क्या किया जावे ?
उत्तर– पालनहार योजना में ई-मित्र कियोस्क केन्द्र बंद हो जाने की स्थिति में ब्लॉक सामाजिक सुरक्षा कार्यालय से आवेदन पत्र अन्य ई-मित्र कियोस्क केन्द्र पर हस्तान्तरित करवाया जा सकता है।
प्रश्न– पालनहार योजनान्तर्गत अपात्र होने के क्या कारण हो सकते है ?
उत्तर– पालनहार योजना में यदि कोई पालनहार का राजकीय सेवा में आना, वार्षिक आय में बढोतरी, विधवा का पुनर्विवाह हो जाना, पालनहार / बच्चे की मृत्यु हो जाना, तलाकशुदा / परित्यक्ता महिला द्वारा पुर्नविवाह कर लेने की स्थिति में अपात्र माना जावेगा। ऐसी स्थिति में पालनहार आवेदन / बच्चों को स्टॉप करवाने हेतु पालनहार / परिवार का दायित्त्व होगा। विभाग के ब्लॉक सामाजिक सुरक्षा कार्यालय से पालनहार आवेदन / बच्चों को स्टॉप करवाया जा सकता है।
प्रश्न– बालक/बालिका द्वारा 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने अथवा नियमित अध्ययनरत नहीं होने की स्थिति में क्या किया जावे ?
उत्तर– पालनहार योजना में बालक / बालिका द्वारा 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने अथवा नियमित अध्ययनरत नहीं होने की स्थिति में विभाग के ब्लॉक सामाजिक सुरक्षा कार्यालय से पालनहार आवेदन/बच्चों को स्टॉप करवाया जा सकता है।
प्रश्न– क्या पालनहार योजना में 19 वर्ष तक की आयु के बच्चों को लाभ दिये जाने का प्रावधान है ?
उत्तर– बच्चे द्वारा 12 वीं कक्षा अथवा निम्न कक्षा में अध्ययनरत् होने/ रहने से पूर्व यदि 18 वर्ष की उम्र पूर्ण कर ली जाती है. तो ऐसी स्थिति में ऐसे बच्चे को एक अतिरिक्त वर्ष तक (19 वर्ष तक) की उम्र पूर्ण करने तक लाभ प्रदान किये जाने का प्रावधान है।
प्रश्न– ऑनलाइन आवेदन पत्र में जन्म तिथि गलत दर्ज होने की स्थिति में क्या करें ?
उत्तर– यदि किसी लाभार्थी द्वारा बच्चे के 18 अथवा 19 वर्ष की आयु पूर्ण करने से पहले जन्म तिथि में संशोधन करवाये जाने की स्थिति में, अधिकतम एक बार बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र/10 वीं बोर्ड के प्रमाण पत्र में अंकित जन्म तिथि के आधार पर जनाधार / आधार पोर्टल के माध्यम से संशोधन हो सकेगा।
प्रश्न– क्या पालनहार योजना में मूल निवास प्रमाण पत्र लगाना आवश्यक है ?
उत्तर– पालनहार योजना अन्तर्गत बी.पी.एल./ आस्था/अन्तयोदय कार्ड धारक है, अथवा पेंशनर्स (विधवा / तलाकशुदा / परित्यक्ता / विशेष योग्जन, सिलिकोसिस पेंशन) धारक है, अथवा पीडीएस लाभार्थी है, तो प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होगी।
प्रश्न– पालनहार योजना में नियमित भुगतान प्राप्त करने हेतु क्या करें ?
उत्तर– पालनहार योजना में प्रत्येक वर्ष माह जुलाई में पालनहार एवं बच्चों का वार्षिक नवीनीकरण (सत्यापन) तथा बच्चों का अध्ययन प्रमाण पत्र उपलब्ध करवाना आवश्यक है।
आवेदक द्वारा स्वयं के जीवित होने एवं बच्चों के आंगनवाडी में पंजीकृत / विद्यालय में अध्ययनरत रहने का वार्षिक नवीनीकरण (सत्यापन) अधिकतम 6 माह (माह जुलाई से दिसम्बर) की समयावधि में करवाना अनिवार्य होगा। पालनहार द्वारा निर्धारित समयावधि के भीतर सत्यापन नहीं करवाने की स्थिति में चालू शैक्षणिक सत्र में आवेदन पत्र स्वतः अस्थाई रूप से निरस्त (Temporary Reject) कर दिया जाएगा।
आवेदक द्वारा 1 शैक्षणिक वर्ष (माह जुलाई से जून) में वार्षिक नवीनीकरण (सत्यापन) नहीं करवाने की स्थिति में आवेदन को लंबित शैक्षणिक सत्र के लिये स्थाई रूप से निरस्त कर दिया जावेगा तथा आवेदक उक्त अवधि का लाभ प्राप्त करने हेतु पात्र नहीं माना जावेगा।
प्रश्न– पालनहार योजना में लाभान्वित बच्चों का विद्यालय के शालादर्पण पोर्टल पर उनके आधार नम्बर अपडेट है, तो ऐसी स्थिति क्या प्रत्येक वर्ष अध्ययन प्रमाण पत्र पृथक से जमा करवाना आवश्यक है ?
उत्तर– पालनहार योजना में प्रत्येक वर्ष माह जुलाई में बच्चों का वार्षिक नवीनीकरण (सत्यापन) करवाना आवश्यक है। योजनान्तर्गत ऐसे बच्चे जिनका अध्ययन प्रमाण पत्र शालादर्पण पोर्टल से प्राप्त हो जाता है, तो उन्हें पृथक से अध्ययन प्रमाण पत्र उपलब्ध करवाने की आवश्यकता नहीं होगी।
प्रश्न– क्या पालनहार योजना में आय प्रमाण पत्र लगाना आवश्यक है ?
उत्तर– पालनहार योजना अन्तर्गत बी.पी.एल./आस्था/अन्तयोदय कार्ड धारक है अथवा विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता, विशेष योग्यजन पेंशन प्राप्त कर रहे आवेदक के आवेदन में आय प्रमाण पत्र की बाध्यता समाप्त की जा चुकी है।
प्रश्न– क्या पालनहार योजना में सहोदर भाई-बहिन को पालनहार नियुक्त किये जाने का प्रावधान है?
उत्तर– पालनहार योजना अन्तर्गत ऐसे वयस्क भाई-बहिन जो अपने सगे भाई-बहिन का पालन-पोषण करते हो को पालनहार बनाया जा सकता है।
प्रश्न– पालनहार स्कीम एप्प के माध्यम से क्या-क्या सेवाएँ प्राप्त की जा सकती है ?
उत्तर– पालनहार स्कीम एप्प के माध्यम से निम्नलिखित सेवाएँ प्राप्त की जा सकती है:-
1. फेस प्रमाणीकरण के माध्यम से पालनहार योजना में नवीन आवेदन किया जा सकता है।
2. पालनहार स्कीम एप्प के माध्यम से पालनहार योजना के आवेदन में आक्षेपों की पूर्ति की जा सकती है।
3. फेस प्रमाणीकरण के माध्यम से बच्चों एवं पालनहार का वार्षिक नवीनीकरण (सत्त्यापन) किया जा सकता है।
4. आवेदन की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
5. योजनान्तर्गत भुगतान विवरण की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
प्रश्न– पालनहार योजना का दायरा क्या है?
उत्तर– राजस्थान की राज्य सरकार ने राज्य के अनाथ बच्चों को लाभान्वित करने के लिए पालनहार योजना शुरू की है।
प्रश्न– पालनहार योजना के तहत क्या लाभ हैं?
उत्तर– पात्र लड़कों/लड़कियों और पालक परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
प्रश्न– पालनहार योजना का लाभ किसे मिल सकता है?
उत्तर– पालनहार योजना का लाभ निम्न श्रेणी को मिलेगा-
1. अनाथ लड़का/लड़की।
2. माता-पिता के बच्चों को न्यायिक आदेशों के तहत मौत/आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
3. पेंशन प्राप्त करने वाली विधवा माँ के बच्चे (एक बार में अधिकतम 3 बच्चे)।
4. पुनर्विवाहित विधवा माताओं के बच्चे।
5. एच. आई. वी./एड्स से प्रभावित माता/पिता के बच्चे।
6. कुष्ठ रोग से पीड़ित माता-पिता के बच्चे।
7. संबंधित माताओं के बच्चे (एक बार में अधिकतम 3 बच्चे)।
8. विशेष रूप से सक्षम माता-पिता के बच्चे।
9. पेंशन प्राप्त करने वाली तलाकशुदा/परित्यक्त महिलाओं के बच्चे।
10. माता-पिता के बच्चे सिलिकॉसिस से पीड़ित हैं।
प्रश्न– पालनहार योजना के लिए अधिकतम पात्र आयु क्या है?
उत्तर– बच्चे की आयु 18 वर्ष से कम होनी चाहिए।
प्रश्न– एक माँ के कितने बच्चे एक ही समय में पालनहार योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं?
उत्तर– संबंधित माताओं के एक समय में अधिकतम 3 बच्चे।
प्रश्न– क्या पालनहार योजना में आयु में छूट के लिए कोई असाधारण शर्त है?
उत्तर– यदि बच्चे की आयु 18 वर्ष है और वह अभी भी 12वीं कक्षा या निचली कक्षा में पढ़ रहा है/रह रहा है, तो ऐसी स्थिति में ऐसे बच्चे को एक अतिरिक्त वर्ष दिया जाएगा (लाभ 19 वर्ष की आयु तक प्रदान किया जा सकता है)। उक्त लाभ बच्चे के 19 वर्ष की आयु पूरी करने या 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद देय नहीं होगा।
प्रश्न– पालनहार योजना के लिए आवेदक के लिए वित्तीय पात्रता क्या है?
उत्तर– अभिभावक परिवार की आय रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। 1. 20 लाख प्रतिवर्ष।
प्रश्न– पालनहार योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
उत्तर– पालनहार योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया-
1. आवेदक ई-मित्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
2. लॉगिन बटन पर क्लिक करें।
3. नए आवेदक पंजीकरण कर सकते हैं या मौजूदा उपयोगकर्ता यहां लॉग इन कर सकते हैं।
4. मौजूदा उपयोगकर्ता अपने एसएसओआईडी के साथ आगे की प्रक्रिया कर सकते हैं और नए उपयोगकर्ता अपने जन-आधार आईडी के साथ पंजीकरण कर सकते हैं।
5. आवश्यक विवरण प्रदान करें।
6. आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें।
7. प्रस्तुत करें।
प्रश्न– पालनहार योजना में किन दस्तावेजों की आवश्यकता है?
उत्तर– पालनहार योजना में दस्तावेज
1. जन आधार/भामाशाह कार्ड की प्रतिलिपि।
2. आधार कार्ड की प्रतिलिपि।
3. शिक्षा योग्यता मार्कशीट/प्रमाणपत्र की प्रतिलिपि।
4. जाति श्रेणी प्रमाण पत्र।
प्रश्न– पालनहार योजना के लिए आवेदन करने के लिए आधिकारिक वेब पोर्टल क्या है?
उत्तर– निम्नलिखित यू. आर. एल. का उपयोग करें। लिंकः https://emitra.rajasthan.gov.in/emitra/home

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