शुद्ध के लिए युद्ध
आवेदन प्रारंभ
Any Time
अंतिम तिथि
NA
योजना कब शुरू हुई
26-10-2020
द्वारा वित्त पोषित
राज्य
योजना का नाम
शुद्ध के लिए युद्ध
आवेदन का तरीका:
Online
डाउनलोड
विवरण-
राज्य में मिलावट को रोकने के लिए शुद्ध के लिए युद्ध अभियान चलाया जा रहा है। विभिन्न त्योहारों होली, दीपावली, रक्षाबंधन आदि) पर विशेष अभियान चलाया जाता है। अभियान के तहत सभी प्रकार के खाद्य पदार्थों में मिलावट की आंच की जाती है। मिलावटी पाए जाने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। शुद्ध सामग्री उपलब्ध कराने व मिलावटखोरों के विरूद्ध कड़े कदम उठाने हेतु राजस्थान खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया है। इसे और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए आयुक्तालय खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण का गठन किया गया है। वर्तमान में 11 खाद्य प्रयोगशालाएं एवं 9 मोबाइल खाद्य प्रयोगशालाएं संचालित है तथा 7 खाद्य प्रयोगशालाओं का निर्माण किया जा रहा है तथा 25 मोबाइल खाद्य प्रयोगशालाएं क्रय की जा रही हैं।
- राज्य स्तर पर Food Safety तथा Drug Control कार्यालयों का एकीकरण कर स्थापित Commissionerate of Food Safety and Drug Control की तर्ज पर जिला स्तर पर भी Food Safety andDrug Control Offices की स्थापना करना प्रस्तावित ।
- इसके साथ ही, Food Safety Officers के 100 नये पद भी सृजित करने की घोषणा ।
- प्रत्येक जिले को Mobile Testing Lab उपलब्ध करायी जानी प्रस्तावित ।
- राशन की दुकानों पर Digital Weigh Bridges उपलब्ध कराकर उन्हें Point of Sale (PoS) मशीनों से जोड़ा जायेगा। इससे NFSA लाभार्थियों को उनके हक का पूरा राशन मिल सकेगा।
- उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के साथ-साथ जनसामान्य में जागरूकता लाने के लिए मैं, जयपुर में राज्यस्तरीय Facilitation and Mediation Centre की स्थापना 20 करोड़ रुपये की लागत से किया जाना प्रस्तावित करता हूँ। साथ ही, द्वितीय चरण में संभाग स्तर पर इन Centres की स्थापना 'Hub and Spoke Model' पर की जायेगी।
पात्रता -
- संगठित मिलावटखोरों के बारे में जानकारी देने वालों का नाम गोपनीय रखा जाता है और जानकारी सही पाए जाने पर उनको उचित इनाम भी दिया जाता है।
- सूचना देने वालों को 'अनसेफ फूड’ प्रमाणन पर 51,000 रुपए तथा 'सब-स्टेण्डर्ड' होने पर 5,000 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
- मुखबिर की पहचान गोपनीय रखने के उद्देश्य से उसे यूनिक कोड से पहचाना जाता है।
- चालान के वक्त ही प्रोत्साहन राशि का आधा हिस्सा सूचना देने वाले व्यक्ति को दिया जाता है।
- मिलावट की सूचना हेल्पलाइन नम्बर 181 तथा जिला स्तर पर जिला कलेक्टर एवं संबंधित अधिकारियों को दे सकते हैं।
लाभ-
- संगठित मिलावटखोरों के बारे में जानकारी देने वालों का नाम गोपनीय रखा जाता है और जानकारी सही पाए जाने पर उनको उचित इनाम भी दिया जाता है।
- सूचना देने वालों को 'अनसेफ फूड’ प्रमाणन पर 51,000 रुपए तथा 'सब-स्टेण्डर्ड' होने पर 5,000 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
- मुखबिर की पहचान गोपनीय रखने के उद्देश्य से उसे यूनिक कोड से पहचाना जाता है।
- चालान के वक्त ही प्रोत्साहन राशि का आधा हिस्सा सूचना देने वाले व्यक्ति को दिया जाता है।
- मिलावट की सूचना हेल्पलाइन नम्बर 181 तथा जिला स्तर पर जिला कलेक्टर एवं संबंधित अधिकारियों को दे सकते हैं।
आवेदन पत्र भरने की प्रक्रिया
| आवेदन का माध्यम : | ऑनलाइन/ऑफलाइन |
| ऑनलाइन आवेदन के लिए माध्यम : | ई-मित्र |
| आवेदक अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर या अपने स्वयं के ई-मित्र खाते से ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। | |
| शुद्ध के लिए युद्ध के लिए आवेदन निःशुल्क है। | |
योजना संपर्क विवरण
Swasthya Bhawan 9571771225
पंजीकरण
आवेदन शुल्क
शुद्ध के लिए युद्ध के लिए आवेदन निःशुल्क है।

Help Us Grow — हमें आगे बढ़ने में मदद करें।
नई टिप्पणी जोड़ें