सामान्यतया 7 वर्ष तक किसी व्यक्ति के बारे में कुछ भी पता नही चले एवं सक्षम न्यायालय/प्राधिकारी के मृतक घोषित करने पर मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया जा सकता है।