विवाह के पक्षकारों के नाबालिग होने की दशा में पंजीयन पर रोक नही है, किन्तु यदि वर या वधू या उनमे से कोई एक शादी के समय नाबालिग हो तो विवाह पंजीयन अधिकारी पक्षकारों द्वारा प्रस्तुत विवाह पंजीयन हेतु प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच करने एवं संतुष्टि होने के पश्चात विवाह का पंजीयन कर सकेगा लेकिन साथ ही ऐसे पक्षकारों के मात-पिता/संरक्षक एवं अन्य के विरूद्ध बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत वांछित कार्यवाही करने हेतु जिला विवाह पंजीयन अधिकारी (जिला कलक्टर) को सूचित करेगा।
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