मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना का उद्देश्य
राज्य सरकार द्वारा संचालित की जा रही स्वास्थ्य योजनाओं- मुख्यमंत्री आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना एवं राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना में बीमित समस्त परिवारों को योजना में वर्णित दुर्घटनाओं की स्थिति में बीमा कवर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह “मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना ” (MCDBY) प्रारंभ की गई हैI इस योजना के अन्तर्गत बीमित परिवार को 10 लाख रूपये तक का दुर्घटना बीमा कवर निःशुल्क उपलब्ध कराया जायेगाI बीमित परिवार के सदस्य /सदस्यों की दुर्घटना में मृत्यु होने या दुर्घटना के कारण हाथ, पैर, आँख की स्थायी पूर्ण क्षति की स्थिति में इस योजना के नियमानुसार आर्थिक सम्बल बीमित परिवार को उपलब्ध कराया जायेगा I
मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के लिए पात्रता
- मुख्यमंत्री आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना में बीमित परिवार के पात्र सदस्य
- आरजीएच्एस के तहत पंजीकृत परिवार
- ऐसे विधुतकर्मी जो कि 1 जनवरी 2004 के पूर्व के हो
मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के अन्तर्गत लाभ कब देय होंगें
- सड़क दुर्घटना, रेल दुर्घटना एवं वायु दुर्घटना से होने वाली मृत्यु/ क्षति
- बीमित के ऊंचाई से गिरने तथा ऊंचाई से किसी वस्तु के गिरने के कारण होने वाली मृत्यु/ क्षति
- मकान के ढहने के कारण होने वाली मृत्यु/ क्षति
- बिजली के झटके के कारण होने वाली मृत्यु/ क्षति
- रासायनिक द्रव्यों के छिड़काव के कारण होने वाली मृत्यु/ क्षति
- डूबने के कारण होने वाली मृत्यु/ क्षति
- जलने से होने वाली मृत्यु/ क्षति
मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के अन्तर्गत परिवार को देय लाभ
| क्र. सं. | दुर्घटना में हुई क्षति का प्रकार | दुर्घटना पर देय लाभ |
|---|---|---|
| 1. | दुर्घटना में परिवार के एक सदस्य की मृत्यु होने पर | 5 लाख रूपये |
| 2. | दुर्घटना में परिवार के एक से अधिक सदस्य की मृत्यु होने पर | 10 लाख रूपये |
| 3. | दुर्घटना में दोनों हाथों या दोनों पैरों या दोनों आँखों अथवा एक हाथ एवं एक पैर या एक हाथ एवं एक आँख या एक पैर एवं एक आँख की पूर्ण क्षति पर (पार्थक्य होने/ इन अंगों के पूर्णतः निष्क्रिय होने पर ) | 3 लाख रूपये |
| 4. | दुर्घटना में एक हाथ/ पैर/ आँख/ की पूर्ण क्षति पर (पार्थक्य होने/ पूर्णतः निष्क्रिय होने पर) | 1.5 लाख रूपये |
मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के सन्दर्भ में महत्वपूर्ण बिन्दु
- योजना का संचालन, राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग के माध्यम से किया जायेगा
- यह योजना जनआधार कार्ड से जुड़ी होने के कारण जन आधार कार्ड में अंकित परिवार के मुखिया को ही बीमित परिवार का मुखिया माना जाएगा
- इस योजना के अन्तर्गत बीमित परिवार के किसी/किन्हीं सदस्यों की दुर्घटनावश मृत्यु होने / स्थायी पूर्ण अपंगता होने की स्थिति में नियमानुसार राशि का भुगतान परिवार की मुखिया के उस बैंक खाते में किया जायेगा जो जनाधार से लिंक हो
मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा दावे हेतु ऑनलाइन क्लेम फॉर्म के साथ अपलोड किये जाने वाले आवश्यक दस्तावेज़
| श्रेणी | दुर्घटना का प्रकार | मृत्यु | क्षति |
|---|---|---|---|
| 1 | 1. सड़क दुर्घटना, रेल दुर्घटना एवं वायु दुर्घटना 2. बीमित के ऊंचाई से गिरने तथा ऊंचाई से किसी वस्तु के गिरने के कारण 3. मकान के ढहने के कारण |
1. मृत्यु प्रमाण-पत्र 2. इनमें से कम से कम कोई एक दस्तावेज़- (i) पोस्टमार्टम रिपोर्ट (ii) एफ आई आर / रोजनामचा/ मर्ग रिपोर्ट (iii) पंचनामा (iv) चिकित्सालय द्वारा डेथ समरी |
1. चिकित्सालय की रिपोर्ट 2. एफ आई आर / रोजनामचा (यदि कराई गई हो) 3. डायग्नोस्टिक रिपोर्ट 4. मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी स्थायी पूर्ण अपंगता का प्रमाण-पत्र |
| 2 | 1. बिजली के झटके के कारण 2. रासायनिक द्रव्यों के छिड़काव के कारण |
1. मृत्यु प्रमाण-पत्र 2. इनमें से कम से कम कोई एक दस्तावेज़- (i) पोस्टमार्टम रिपोर्ट (ii) चिकित्सालय द्वारा जारी डेथ समरी 3. एफ आई आर 4. इलाज का विवरण यदि चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है. |
1. चिकित्सालय की रिपोर्ट 2. डायग्नोस्टिक रिपोर्ट 3. मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी स्थायी पूर्ण अपंगता का प्रमाण-पत्र |
| 3 | 1. डूबने के कारण 2. जलने की स्थिति में |
1. मृत्यु प्रमाण-पत्र 2. एफ आई आर 3. पोस्टमार्टम रिपोर्ट 4. एफ आर |
1. चिकित्सालय की रिपोर्ट 2. एफ आई आर / रोजनामचा 3. एफ आर 4. डायग्नोस्टिक रिपोर्ट 5. मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी स्थायी पूर्ण अपंगता का प्रमाण-पत्र |
मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के अन्तर्गत दावा निस्तारण की प्रक्रिया
- परिवार के किसी सदस्य की दुर्घटना में मृत्यु होने अथवा दुर्घटना के कारण योजना में उल्लेखित स्थायी पूर्ण क्षति होने की स्थिति में बीमित परिवार के किसी भी वयस्क सदस्य द्वारा ऑनलाइन पोर्टल पर दावा प्रपत्र की पूर्ति की जायेगी।
- दुर्घटना दिनांक (मृत्यु होने की स्थिति में मृत्यु दिनांक) से 60 दिवस की अवधि में दावा प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
- विलम्ब के समुचित कारणों का उल्लेख करते हुए दावा प्रपत्र की दुर्घटना दिनांक / मृत्यु दिनांक से 90 दिवस की अवधि में पूर्ति की जा सकेगी
- दावेदार के मोबाइल नंबर पर स्वीकृति / अस्वीकृति एवं आक्षेप के सम्बन्ध में मैसेज भिजवाया जायेगा।
मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा अपील सुनवाई की व्यवस्था
दावे के निस्तारण की दिनांक से 30 दिवस की अवधि में निदेशक, राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग को ऑनलाइन अपील प्रस्तुत की जा सकेगीं|
मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के लाभार्थी
- मुख्यमंत्री आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना में बीमित परिवार के पात्र सदस्य
- आरजीएच्एस के तहत पंजीकृत परिवार
- ऐसे विधुतकर्मी जो कि 1 जनवरी 2004 के पूर्व के हो
मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत देय भुगतान
| क्र. सं. | दुर्घटना में हुई क्षति का प्रकार | दुर्घटना पर देय लाभ |
|---|---|---|
| 1. | दुर्घटना में परिवार के एक सदस्य की मृत्यु होने पर | 5 लाख रूपये |
| 2. | दुर्घटना में परिवार के एक से अधिक सदस्य की मृत्यु होने पर | 10 लाख रूपये |
| 3. | दुर्घटना में दोनों हाथों या दोनों पैरों या दोनों आँखों अथवा एक हाथ एवं एक पैर या एक हाथ एवं एक आँख या एक पैर एवं एक आँख की पूर्ण क्षति पर (पार्थक्य होने/ इन अंगों के पूर्णतः निष्क्रिय होने पर ) | 3 लाख रूपये |
| 4. | दुर्घटना में एक हाथ/ पैर/ आँख/ की पूर्ण क्षति पर (पार्थक्य होने/ पूर्णतः निष्क्रिय होने पर) | 1.5 लाख रूपये |
मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत दावा करने की प्रक्रिया
- परिवार के किसी सदस्य की दुर्घटना में मृत्यु होने अथवा दुर्घटना के कारण पॉलिसी में उल्लेखित स्थायी पूर्ण क्षति होने की स्थिति में बीमित परिवार के किसी भी वयस्क सदस्य द्वारा ऑनलाइन पोर्टल पर दावा प्रपत्र की पूर्ति की जायेगी।
- दुर्घटना दिनांक (मृत्यु होने की स्थिति में मृत्यु दिनांक) से 60 दिवस की अवधि में दावा प्रस्तुत करना ज़रूरी होगा।
- विलम्ब के समुचित कारणों का उल्लेख करते हुए दावा प्रपत्र की दुर्घटना दिनांक / मृत्यु दिनांक से 90 दिवस की अवधि में पूर्ति की जा सकेगी
- दावा प्रपत्र पोर्टल पर सबमिट करने पर जनाधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर पर ओ टी पी भिजवाया जायेगा। मुखिया की मृत्यु की स्थिति में दावेदार द्वारा ऑनलाइन दावा प्रपत्र में अंकित मोबाइल नंबर पर ओ टी पी भिजवाया जायेगा। दावेदार द्वारा ओ. टी .पी. को सबमिट करने तथा पोर्टल द्वारा स्वीकृत कर लिए जाने पर ही दावा पोर्टल पर रजिस्टर किया जायेगा।
- पोर्टल पर दावा दर्ज होने के बाद बीमाकर्ता द्वारा दावे का परीक्षण किया जायेगा तथा पॉलिसी के परिपेक्ष्य में उचित पाए जाने पर दावा स्वीकृत / अस्वीकृत किया जायेगा। अन्य दस्तावेज़ वांछित होने पर बीमाकर्ता द्वारा दावेदार से ऑनलाइन ही दस्तावेज़ों की मांग की जाएगी।
- सभी वांछित दस्तावेज़ प्राप्त होने / अन्वेषण रिपोर्ट प्राप्त होने के 30 दिवस में दावे का निस्तारण कर दिया जायेगा।
- बीमाकर्ता द्वारा दावेदार के मोबाइल नंबर पर स्वीकृति / अस्वीकृति एवं आक्षेप के सम्बन्ध में मैसेज भिजवाया जायेगा।
- दावा स्वीकृत योग्य होने पर बीमाकर्ता कंपनी द्वारा जनाधार कार्ड से लिंक मुखिया के बैंक खाते में ऑनलाइन भुगतान की कार्यवाही की जाएगी
- मुखिया की मृत्यु होने की स्थिति में पति तथा उनके भी जीवित नहीं होने पर परिवार में शेष रहे सदस्यों में भुगतान योग्य राशि समान अंशों में विभाजित कर बीमाकर्ता द्वारा बीमित परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में ऑनलाइन जमा कराई जायेगी।
- परिवार (जनाधार में अंकित) के सभी सदस्यों की मृत्यु होने की स्थिति में कोई राशि देय नहीं होगी।
- पारिवारिक विवाद की स्थिति अथवा न्यायिक प्रक्रिया लंबित होने पर सक्षम न्यायालय के निर्णय के अनुसार भुगतान देय होगा।
मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा आवश्यक दस्तावेज़
| श्रेणी | दुर्घटना का प्रकार | मृत्यु | क्षति |
|---|---|---|---|
| 1 | 1. सड़क दुर्घटना, रेल दुर्घटना एवं वायु दुर्घटना 2. बीमित के ऊंचाई से गिरने तथा ऊंचाई से किसी वस्तु के गिरने के कारण 3. मकान के ढहने के कारण |
1. मृत्यु प्रमाण-पत्र 2. इनमें से कम से कम कोई एक दस्तावेज़- (i) पोस्टमार्टम रिपोर्ट (ii) एफ आई आर / रोजनामचा/ मर्ग रिपोर्ट (iii) पंचनामा (iv) चिकित्सालय द्वारा डेथ समरी |
1. चिकित्सालय की रिपोर्ट 2. एफ आई आर / रोजनामचा (यदि कराई गई हो) 3. डायग्नोस्टिक रिपोर्ट 4. मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी स्थायी पूर्ण अपंगता का प्रमाण-पत्र |
| 2 | 1. बिजली के झटके के कारण 2. रासायनिक द्रव्यों के छिड़काव के कारण |
1. मृत्यु प्रमाण-पत्र 2. इनमें से कम से कम कोई एक दस्तावेज़- (i) पोस्टमार्टम रिपोर्ट (ii) चिकित्सालय द्वारा जारी डेथ समरी 3. एफ आई आर 4. इलाज का विवरण यदि चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है. |
1. चिकित्सालय की रिपोर्ट 2. डायग्नोस्टिक रिपोर्ट 3. मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी स्थायी पूर्ण अपंगता का प्रमाण-पत्र |
| 3 | 1. डूबने के कारण 2. जलने की स्थिति में |
1. मृत्यु प्रमाण-पत्र 2. एफ आई आर 3. पोस्टमार्टम रिपोर्ट 4. एफ आर |
1. चिकित्सालय की रिपोर्ट 2. एफ आई आर / रोजनामचा 3. एफ आर 4. डायग्नोस्टिक रिपोर्ट 5. मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी स्थायी पूर्ण अपंगता का प्रमाण-पत्र |
उपरोक्त के अतिरिक्त बीमाकर्ता द्वारा आवश्यकतानुसार अन्य दस्तावेज़ों की मांग की जा सकेगी या अन्वेषण भी कराया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत लाभ कब देय होंगे
मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत निम्नांकित दुर्घटनाओं में बीमित परिवार के सदस्य/ सदस्यों की मृत्यु अथवा अन्य शारीरिक क्षतियों की दशा में योजना के प्रावधानों के अनुसार भुगतान किया जायेगा । योजना के अंतर्गत दुर्घटना में हुई क्षति का आशय किसी भी ऐसी शारीरिक चोट से है जो किसी बाह्य, हिंसात्मक एवं दृश्य माध्यम द्वारा लगी हो। शारीरिक चोट संदर्भित दुर्घटना से ही उत्पन्न हुई होनी चाहिए एवं दुर्घटना से पूर्व अस्तित्व में नहीं होनी चाहिए । मृत्यु/ क्षति का सीधा सम्बन्ध (proximate cause) दुर्घटना से होने पर ही योजना के तहत भुगतान देय होगा। मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के लाभ निम्न प्रकार की दुर्घटनाओं में हुई मृत्यु /क्षति पर देय होंगे :
- सड़क दुर्घटना, रेल दुर्घटना एवं वायु दुर्घटना से होने वाली मृत्यु/ क्षति
- बीमित के ऊंचाई से गिरने तथा ऊंचाई से किसी वस्तु के गिरने के कारण होने वाली मृत्यु/ क्षति
- मकान के ढहने के कारण होने वाली मृत्यु/ क्षति
- बिजली के झटके के कारण होने वाली मृत्यु/ क्षति
- रासायनिक द्रव्यों के छिड़काव के कारण होने वाली मृत्यु/ क्षति
- डूबने के कारण होने वाली मृत्यु/ क्षति
- जलने से होने वाली मृत्यु/ क्षति
मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत लाभ कब देय नहीं होंगे
योजना के अंतर्गत केवल उन्हीं दुर्घटना प्रकरणों पर विचार किया जायेगा जो योजना के अंतर्गत लाभ कब देय होंगे में अंकित है तथा जिनमें मृत्यु अथवा शारीरिक क्षतियां दुर्घटनाओं से उत्पन्न होती है। मृत्यु / क्षति का सीधा संबंध ( Proximity Cause) दुर्घटना से होना चाहिए। आशय यह है कि योजना के अंतर्गत प्राकृतिक मृत्यु अथवा शारीरिक क्षतियों पर इस पॉलिसी के अंतर्गत किसी प्रकार का लाभ देय नहीं होगा।
निम्न स्थितियों में लाभ देय नहीं होंगे-
- विभिन्न बीमारियों जैसे: कैंसर, टीबी, हृदयाघात ( हार्ट अटैक) अथवा पागलपन इत्यादि से होने वाली मृत्यु अथवा अन्य क्षतियाँ।
- हत्या, हत्या का प्रयास, आत्मक्षति, आत्महत्या अथवा आत्महत्या का प्रयास।
- किसी बीमित सदस्य द्वारा नशीले द्रव्य / ड्रग्स/ ऐल्कोहल के सेवन से होने वाली मृत्यु/क्षति
- चिकित्सा अथवा शल्य क्रिया के दौरान होने वाली क्षति
- नाभिकीय विकिरण अथवा परमाण्विक अस्त्रों से होने वाली क्षति
- युद्ध, विदेशी आक्रमण, विदेशी शत्रु के कृत्यों, गृह युद्ध, देशद्रोह अथवा राष्ट्र विरोधी गतिविधियों इत्यादि से होने वाली क्षति
- गर्भधारण अथवा प्रसव के कारण होने वाली क्षति
- बीमित व्यक्ति द्वारा आपराधिक उद्देश्य से विधि द्वारा निर्धारित कानून का उल्लंघन करते समय हुई क्षति
- एविएशन में एंगेज होने / बैलूनिंग / मॉउंटिंग/ डिस मॉउंटिंग / के समय अथवा एयरक्राफ्ट में पैसेंजर के अतिरिक्त किसी अन्य रूप में यात्रा करते समय हुई मृत्यु/ क्षति
- विभिन्न दुर्घटनाओं में हाथ अथवा पैर का फ्रैक्चर इत्यादि होने की दशा में पॉलिसी के अंतर्गत लाभ देय नहीं होंगे
- जहरीले जंतु के कारण मृत्यु अथवा क्षति
- पॉलिसी की एक वर्ष की अवधि के दौरान योजना के अंतर्गत बीमित परिवार के सदस्यों के संबंध में एक से अधिक दावों के मामलों में बीमित परिवार को इस योजना के अंतर्गत देय अधिकतम भुगतान रुपये 5 लाख से अधिक नहीं होगा
- यदि पॉलिसी वर्ष में किसी सदस्य की दुर्घटनावश क्षति होती है तथा उसी पॉलिसी वर्ष में पुनः कोई दुर्घटना घटित होती है तो बाद में घटित होने वाली दुर्घटना के विरुद्ध भुगतान करते समय पहले दावे में किये गए भुगतान की राशि को कम करते हुए दूसरे दावे के विरुद्ध भुगतान किया जायेगा
|
क्र.स. |
दुर्घटना में हुई क्षति का प्रकार |
पॉर्लसी के तहत देय भुगतान |
|---|---|---|
|
1. |
दुर्घटना में मृत्यु हो जाने पर |
5 लाख रुपये देय |
|
2. |
दुर्घटना में परिवार के दो से अधिक व्यक्तियों की मृत्यु हो जाने पर |
10 लाख रुपये देय |
| 3. | दुर्घटना में दोनों हाथों या दोनों पैरों या दोनों आँखों अथवा एक हाथ एवं एक पैर या एक हाथ एवं एक आँख या एक पैर एवं एक आँख की पूर्ण क्षति होने पर (पाथघक्य होने/ इन अंगों के पूर्णत: निष्क्रिय होने पर ) |
3 लाख रुपये देय |
| 4. | दुर्घटना में एक हाथ/ पैर/ आँख/ की पूर्ण क्षति पर |
1.5 लाख रुपये देय |
FAQs
मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना क्या है ?
दुर्घटना घटित हो जाने पर परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिये राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना लागू की गई है। राज्य सरकार द्वारा पूर्व से संचार्लत की जा रही योजना - मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में बीमित समस्त परिवार को योजना में वर्णित दुर्घटनाओं की स्थिति में बीमा कवर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह "मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना (MADBY) प्रारम्भ की गई है। इस योजना के अंतर्गत बीमित परिवार को 10 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर नि:शुल्क उपलब्ध कराया जायेगा। बीमित पररवार के सदस्य /सदस्यों की दुर्घटना मृत्यु होने या दुर्घटना के कारण हाथ, पैर, आँख की स्थायी पूर्ण क्षति की स्थिति में इस योजना के नियमानुसार आर्थिक संबल बीमित परिवार को उपलब्ध कराया जायेगा।
मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना योजना के पात्र लाभाथी कौन होंगे?
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में समस्त सक्रिय बीमित परिवार | मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत बीमित सदस्यों के रूप में बीमित पररवार के वह सभी सदस्य सम्मिलित होंगे जिनका नाम जनाधार कार्ड में अंकित है। इसके अतिरिक्त बीमित परिवार का दो साल तक की आयु का वह शिशु भी बीमित सदस्य माना जाएगा जिसका नाम जनाधार कार्ड में अंकित नहीं है।
योजना में प्रीमियम राशि कितनी है?
इस योजना के अंतर्गत बीमित परिवार से कोई अंशदान/प्रीमियम नहीं लिया जायेगा।
आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के अंतगतघ लाभ कब देय होंगे?
आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के अंतगतघ लाभ कब देय होंगे? योजना के अन्तगघत बीर्मत पररवार के सदस्य / सदस्यों की र्नम्नाटं कत दुर्घटनाओं में मृत्यु अथवा अन्य शारीररक क्षर्तयों की दशा में भुगतान टकया जाएगा। अथाघत योजना के लाभ र्नम्न प्रकार की दुर्घटनाओं में हुई मृत्यु /क्षर्त पर देय होंगे-
- सड़क/वाहन दुर्घटना, रेल दुर्घटना एवम ्वायुदुर्घटना से होने वाली मृत्यु/क्षर्त
- बीर्मत के ऊँ चाई से र्गरने तथा बीर्मत पर ऊँ चाई से टकसी वस्तु के र्गरने के कारण होने वाली मृत्यु/क्षर्त।
- मकान के ढहने से होने वाली मृत्यु/क्षर्त।
- डूबने के कारण होने वाली मृत्यु/क्षर्त।
- रासायर्नक द्रव्यों के र्िड़काव के कारण मृत्यु या क्षर्त।
- बबजली के झटके से होने वाली मृत्यु / क्षर्त।
- जलने से होने वाली मृत्यु/क्षर्त ।
- मशीन (थ्रेसर कु ट्टी मशीन, आरा मशीन, ग्लान्र्र आटद) पर/से कायघ करते समय होने वाली मृत्यु/क्षर्त। योजना के अन्तगतघ दुर्घटना में हुई क्षर्त का आशय टकसी भी ऐसी शारीररक चोट से है जो टकसी बाह्य, टहंसात्मक एवं दृश्य माध्यम द्वारा लगी हो। शारीररक चोट सन्दर्भतघ दुर्घटना से ही उत्पन्न हुई होनी चाटहए एवं दुर्घटना सेपूवघ अर्स्तत्व मेंनहीं होनी चाटहए। मृत्यु / क्षर्त का सीधा संबंध (Proximate Cause) दुर्घटना से होने पर ही योजना के तहत भुगतान देय होगा।
आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के अंतगतघ लाभ कब देय नहीं होंगे ?
योजना के अन्तगघत प्राकृ र्तक मृत्यु अथवा प्राकृ र्तक शारीररक क्षर्तयों पर टकसी प्रकार का लाभ देय नहीं होगा। अथाघत्र्नम्न र्स्थर्तयों में लाभ देय नहीं होंगे-
- बवर्भन्न बीमाररयों जैसे: के न्सर, टीबी, हृदयार्ात ( हाटघ अटैक) अथवा पागलपन इत्याटद से होने वाली मृत्यु अथवा अन्य क्षर्तयां।
- हत्या, हत्या का प्रयास, आत्मक्षर्त, आत्महत्या अथवा आत्महत्या का प्रयास।
- बीर्मत सदस्य द्वारा नशीले द्रव्य/ड्रग्स /एल्कोहॉल के सेवन से होने वाली मृत्यु / क्षर्त।र्चटकत्सा अथवा शल्य टिया के दौरान होने वाली क्षर्त।
- बीर्मत सदस्य द्वारा नशीले द्रव्य/ड्रग्स /एल्कोहॉल के सेवन से होने वाली मृत्यु / क्षर्त।
- र्चटकत्सा अथवा शल्य टिया के दौरान होने वाली क्षर्त।
- नार्मकीय बवटकरण अथवा परमार्ववक अस्त्रों से होने वाली क्षर्त।
- युद्ध, बवदेशी आिमण, बवदेशी शत्रु के कृ त्यों, गृह युद्ध, देशद्रोह अथवा राष्ट्रबवरोधी गर्तबवर्धयों इत्याटद से होने वाली क्षर्त।
- गभघधारण अथवा प्रसव के कारण होने वाली क्षर्त।
- बीर्मत व्यबक्त द्वारा आपरार्धक उ द्देश्य से बवर्ध द्वारा र्नधाघररत कानून के उल्लंर्न के कारण हुई क्षर्त।
- एबवएशन में अन्गेज होने / बैलूर्नग/माउर्न्टंग/टर्स्माउर्न्टंग के समय या एअरिाफ्ट में पैसेंजर के अर्तररक्त टकसी अन्य रूप में यात्रा करते समय हुई मृत्यु /क्षर्त।
- बवर्भन्न दुर्घटनाओं में हाथ अथवा पैर का फ्रेक्चर इत्याटद होने की दशा में योजना के अन्तगतघ लाभ देय नहीं होंगे।
- जहरीले जन्तु के कारण मृत्यु अथवा क्षर्त।
- योजना की एक वर्घ की अवर्ध के दौरान योजना के अन्तगघत बीर्मत पररवार के सदस्यों के संबंध में एक से अर्धक दायों के मामलों में बीर्मत पररवार को इस योजना के अन्तगघत देय अर्धकतम भुगतान रूपये 10 लाख से अर्धक नहीं होगा।
- यटद योजना वर्घ में टकसी सदस्य की दुर्घटनावश मत्ृय/ु क्षर्त काररत होती हैतथा उसी योजना वर्घ में पुनिः कोई दुर्घटना र्टटत होती हैतो बाद में र्टटत होने वाली दुर्घटना के बवरूद्ध भुगतान करते समय पहले दावे में टकये गये भुगतान की रार्श को कम करते हुए दसू रे दावे के बवरूद्ध भुगतान टकया जायेगा।
- इस योजना में भुगतान हेतु पात्र होने की र्स्थर्त में बीर्मत पररवार को टकया जाने वाला भुगतान टकसी सदस्य / सदस्यों की दुर्घटनावश मृत्यु /क्षर्त. काररत होने पर एस.बी.आर.एफ (State Disaster Response Fund), एन.र्ी.आर.एफ (National Disaster Response Fund) एवं मुख्यमंत्री सहायता कोर् एवं अन्य र्निःशुल्क बीमा योजना से टकये गये भुगतान को कम करते हुए दस लाख रूपये तक की सीमा के अद्यधीन होगा।
आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के र्लए आवदे न कहाँकरवाया जा सकता है ?
दुर्घटना बीमा योजना के अंतगतघ आवेदन करने के र्लए टदए गए र्लंक पर र्क्लक करें - https://mcdbysipf.rajasthan.gov.in/#/claim
जिस परिवार / व्यक्ति ने पूर्व में निजि कंपनी से स्वास्थय बीमा करा रखा है, क्या वह भी योजना का लाभ ले सकता है?
हाँ, आयुष्मान योजना के तहत सभी सटिय बीर्मत सदस्य योजना का लाभ ले सकते हैं।
मेरे परिवार के कौन- कौन सदस्य इसका लाभ ले सकते है? क्या यह रार्श पररवार के एक सदस्य के लिए है या सम्पूर्ण परिवार के लिए है ?
योजना के अंतगघत देय भुगतान रार्श सम्पूणघ आयुष्मान पररवार के र्लए हैं। एक पररवार के अन्तगघत आने वाले वे सभी सदस्य र्जनका नाम पररवार की मटहला मुर्खया के जन-आधार कार्घ में अंटकत हो, वे इस योजना का लाभ ले सकते है।
एक बार आयुष्मान योजना में रर्जस्रेशन करवाने के बाद अगर टकसी पररवार को लाभाथी का नाम कटवाना या जुड़वाना है तो प्रटिया क्या रहेगी ?
इसके र्लए ई-र्मत्र के न्द्र पर जाकर जनाधार कार्घ में संशोधन करवाया जा सकता है। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में सटिय बीर्मत पररवार ही इस योजना का लाभ ले सकते ह
यदि दुर्घटना राजस्थान से बाहर अन्य राज्य या अन्य देश में हुई है, तो क्या लाभाथी परिवार दुर्घटना बीमा योजना के तहत लाभ प्राप्त कर सकता है ?
हाँ, यदि वह परिवार आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के तहत सटिय बीर्मत पररवार हैतो दुर्घटना बीमा योजना के तहत लाभ प्राप्त कर सकता है
क्या आयुष्मान पररवार के जनाधार के अंतर्गत पंजीकृत सभी बीर्मत सदस्यों की मृत्यु होने पर भी भुगतान की राशी देय होगी ?
नहीं, पररवार (जनाधार में अंटकत) के सभी सदस्यों की मृत्यु होने की स्थिति में कोई रार्श देय नहीं होगी
मेरा दावा स्वीकार हुआ या अस्वीकार मुझे कैसे पता चलेगा?
बीमाकताघ द्वारा दावेदार के मोबाइल नंबर पर स्वीकृत / अस्वीकृत एवं आक्षेप के सम्बन्ध में मैसेज भिजवाया जायेगा। इसके अलावा पोर्टल पर सीटीजन लॉग इन करके आवेदन की स्थिति चेक की जा सकती है
दुर्घटना के अंतगतघ देय भुगतान रार्श कब तक खाते में जमा हो जाएगी ?
दावा सभी वांछित दस्तावेज प्राप्त होने / अन्वेर्ण ररपोटघ प्राप्त होने के 30 टदवस में दावे का र्नस्तारण कर टदया जायेगा।
दुर्घटना दावा प्रस्तुत करने की समय सीमा क्या होगी?
दुर्घटना दर्दनाक (मृत्यु होने की स्थिति में मृत्यु) से 30 दिवस की अवधि में दावा प्रस्तुत करना ज़रूरी होगा। विलम्ब के वांछित कारणों के साथ 60 दिवस में दावा कराया जा सकता है
योजना के अंतगघत टकस प्रकार की क्षर्त के र्लए टकतनी रार्श देय होगी ?

Help Us Grow — हमें आगे बढ़ने में मदद करें।
Add New Comment